बाल-चिकित्सा संबंधी विकार

सेरिब्रल पाल्सी

CP

Cerebral Palsy Conditions


  • इस बीमारी में शरीर का दांया अथवा बांया भाग पक्षाघात से पीड़ित होता है .
  • सामान्यतः दोनों पैर प्रभावित होते है
  • सर, गर्दन झुकी हुए
  • हाथों और पैरों की मांसपेशियां कड़क होती है
  • हाथों की मुट्ठी कसी हुए रहती है
  • कोई भी वस्तु उठाना और छोड़ना कठिन होता है
  • पकड़ कमजोर होती है
  • पेन, पेंसिल, चम्मच नहीं पकड़ पाना
  • पैर तिरछे होना
  • पैरो में कैचीं अथवा आंटी होना
  • खड़े होने पर एक पैर दूसरे के ऊपर रहता है.
  • एडी उठा कर पंजे के बल चलना
  • पंजे चपटे होना
  • रीड की हड्डी तिरछी होना
  • मुह से राल गिरना
  • स्पष्ट नहीं बोल पाना
  • दैनिक कार्यो जैसे भोजन स्नान शौच आदि के लिए भी दुसरो पर निर्भर रहना, कमीज़ के बटन नहीं लगा पाना, कपडे में पेशाब/शौच करना
  • चलने में लचक
  • मंदबुद्धि , कमजोर मानसिक क्षमता

 

मेंटल रिटार्डेशन

MR

Mental retardation types

  • इस बीमारी से पीड़ित बच्चो की मानसिक क्षमता अत्यधिक कमजोर होती है
  • बार बार दोहराने पर भी पड़े में पिछड़ना
  • पाठ याद नहीं रख पाना
  • आई क्यू स्कोर ४० से भी काम होना
  • स्वयं के दैनिक कार्य जैसे स्नान करना, कपडे पहनना, भोजन करना आदि का भी ज्ञान नहीं होना
  • किसी भी वस्तु को उठकर मुह में डालना या चबाना
  • मुह से राल का बहना/गिरना
  • शब्द या वाकया नही बोल पाना
  • बोलते समय अटकना
  • स्वयं के सामान जैसे खिलोने, कपडे, बैग,बोतल आदि को नहीं पहचानना

  • सम्बन्धियों की पहचान नही होना
  • अन्य बच्चो अथवा व्यक्तियों से किसी प्रकार का मेल-मिलाप नही होना
  • माता- पिता को भी नहीं पहचान पाना,
  • पेशाब/ शौच कपडे में हे करना
  • अपने आयु के अन्य बच्चो की अपेक्षा विलम्ब शारीरिक और मानसिक विकास देर से होना
  • वस्तु/सामान उठकर फैकना
  • अन्य बच्चो को मारना,
  • आकृतियों , रंग , अक्षरो को नहीं पहचान पाना,
  • मिर्गी के दौरे आना इस बीमारी के मुख्या लक्षण हैं

 

अटेंशन डेफिसिट हाइपर एक्टिव डिसऑर्डर ( अति- चंचलता)

ADHD

attention deficit hyperactivity disorder (ADHD)

  • इस बीमारी से पीड़ित बच्चो में ध्यान व एकाग्रता की अत्यधिक कमी रहती है
  • एक ही स्थान पर ५ मिनिट भी नहीं बैठ पाना
  • इधर- उधर घूमते रहना
  • बात नहीं सुनना
  • किसी भी बात को समझने अथवा याद रखने में परेशानी होना
  • पढाई में मन नहीं लगना
  • ग़ुस्सा करना
  • लिखते समय बार बार पेंसिल/पेन गिरना या पेज फाड़ना
  • अत्यधिक तनाव/बैचेनी होना
  • नई चीज़ो को याद नहीं रख पाना
  • लगातार बोलते रहना
  • भोजन खड़े होकर या घूमते हुए करना
  • बैठे बैठे हिलते रहना
  • किसी भी कार्य से जल्द ही बोर हो जाना
  • कोई भी कार्य बीच में से अधूरा छोड़कर दूसरा काम करना
  • किसी भी वस्तु को उठाकर खेलना
  • किसी भी सामान को उठाकर फैकना
  • चुप नहीं बैठना
  • व्यर्थ हे दौड़ लगाना
  • कुर्सी/सोफे/पलंग पर कूदना
  • खिलोनो से खेलने की अपेक्षा बर्तन आदि से खेलना
  • वस्तुए /बर्तन बजाकर खुश होना
  • अन्य बच्चो को मारना, तथा अपनी ही बात मनवाने की ज़िद करना

 

मस्कुलर दिस-ट्रॉफी

MD

Muscle Dystrophy Conditions

  • यह एक अनुवांशिक बीमारी होती है जो की मुख्यतः लडको में ज़्यादा होती है
  • बच्चा जन्म से लेकर ३ वर्ष की आयु तक सामान्य रहता है, परन्तु बाद में पैरो में कमजोरी महसूस होती है
  • बच्चा खड़े होने और चलने में लडख़ड़ाने लगता है
  • बार बार गिर जाना
  • असंतुलित होना
  • जोड़ो में जकड़न
  • पिंडली का कमजोर होना
  • कंधे, कलाई , घुटने और पंजे का मूवमेंट काम होना
  • हाथों की पकड़ का कमजोर होना
  • छोटी वस्तुए जैसे बटन, कलम, कंघा आदि पकड़ने में परेशानी होना
  • बोलते समय हकलाना, सांस अटकना
  • रीड की हड्डी में तिरछापन होना
  • हृदय समबन्धी विकार,
  • मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित बच्चो की मांसपेशियों का लगातार क्षरण होता रहता है प्रभाव-स्वरुप बच्चा अपने दैनिक कार्यो के लिए अन्य व्यक्तियों पर आश्रित रहता है

 

सेंसरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर

SPD

Sensory Processing Disorders Conditions

  • इस बीमारी से पीड़ित बच्चे किसी भी प्रकार की ध्वनि , दृश्य (लाइट) , खाद्य पदार्थ, वस्त्र और अन्य व्यक्तियों द्वारा स्पर्श किये जाने पर उत्तेजना प्रकट करते है,
  • इन बच्चो का संवेदन संभंधित भाग अत्यधिक सक्रिय होता है फलस्वरूप इस प्रकार के बच्चे एकाग्र नहीं रह पाते
  • सामाजिक मेल-मिलाप की कमी
  • दुसरो की बात नहीं मानना
  • अत्यधिक उग्र और ज़िद्दी होना
  • जिस काम में दोनों हाथों का ताल-मेल होना चाहिए उन्हें नहीं कर पाना
  • कोई भी कार्य बीच में ही अधूरा छोड़कर दौड़ने लगना, कूदना
  • अन्य व्यक्तियों से पृथक रहना
  • आत्म-सम्मान और विश्वास की कमी होना
  • कार्य-अकुशलता, विद्यालयीन और पढाई समबन्धित काम में पिछड़ना
सेंसरी प्रोसेसिंग दिस-आर्डर से ग्रसित कुछ बच्चे अंडर-रेस्पोंसिवे होते है:
  • एक ही स्थान पर बहुत देर तक बैठे या खड़े रहना
  • अत्यधिक ठंडा/ गर्म होने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त नही करना
  • चोट लगने पर भी नहीं बता पाना
  • सुस्त प्रतीत होना
  • बार बार दोहराने पर ही दिए गए कार्य को पूरा करना
  • पढ़ाई में मन नहीं लग्न

 

डिलेड डेवलपमेंट ( विलम्ब शारीरिक मानसिक विकास )

  • प्री -मेचुअर बेबी ( जिनका जन्म ७ माह में हुआ हो )
  • जन्म के समय वजन काम होना
  • ऑक्सीजन की कमी होना
  • प्रभावित शिशु का विकास उसकी आयु के अनुपात में देरी से होता है
  • शिशु ६ माह की आयु में भी करवट नहीं बदल पाता
  • १० माह का होने पर भी बैठ नहीं पाता
  • १ वर्ष की आयु में भी खड़ा नहीं हो पाता
  • २ वर्ष की आयु में चलना नहीं सिख पाता
  • शरीर अत्यधिक कड़क या शिथिल होना
  • घुटने या पंजे अंदर या बाहर की और मुड़े होना
  • हाथों की मुट्ठी बंधी होना
  • आँखों में भेंगापन/ तिरछापन होना
  • ध्वनि के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना
  • भोजन नहीं चबा पाना
  • मिर्गी के दौरे आना
  • ३ वर्ष की आयु पर भी शब्द नहीं बोल पाना न ही बातों को समझ पाना

 

डाउन सिंड्रोम

  • यह एक अनुवांशिक विसंगति है जो मुख्यतः क्रोमोसोम्स में गड़बड़ी की वजह से होती है
  • इससे प्रभावित बच्चा अन्य बच्चो की अपेक्षा शारीरिक रूप से अलग दिखाई देता है
  • शारीरिक लम्बाई कम होती है
  • ठोड़ी छोटी होती है
  • नाक चपटी और चेहरा सपाट होता है
  • इन बच्चो का मुँह अधिकांशतः खुला रहता है
  • ये बच्चे जीभ बाहर निकाल कर रखते है
  • हाथों, पैरों और शरीर के जोड़ लचीले होते है
  • गर्दन छोटी होती है
  • हाथों की उँगलियाँ छोटी और पैर के पंजे में अंगूठे और ऊँगली के बीच का गैप ज़्यादा होता है
  • बच्चे का सामान्य शारीरिक विकास विलम्ब से होता है
  • बौद्धिक क्षमता मध्यम रहती है
  • बटन लगाना, पेन/पेंसिल आदि पकड़ने में असमर्थ होते हैं
  • हाथों की पकड़ कमजोर होती है,

 

लर्निंग डिसेबिलिटी

  • पढ़ाई लिखाई में कमजोरी
  • इस बीमारी से ग्रस्त बच्चो को दांया-बांया के भेद को समझने में दिक्कत होती है
  • वर्णमाला सीखने में कठिनाई
  • शब्द या नंबर को याद रखने में परेशानी तथा शब्दों की ध्वनियों का अंतर समझ पानी में कठिनाई होती है
  • ऐसे बच्चे समय बोध और समय के कांसेप्ट को नहीं समझ पाते है
  • इनका स्वभाव अंतर-मुखी अथवा धौस दिखाने वाला होता है
  • इन्हे ऊंचाई /लम्बाई/ गहराई का ज्ञान नहीं होता
  • घडी देखने और समझने में कठिनाई महसूस करते है
  • अस्पष्ट लिखावट होती है
  • व्याकरण का ज्ञान कमजोर होना
  • लिखते समय हाथों में कम्पन
  • टेबल पर झुककर लिखना, सिर झुका कर रखना
  • बहुत समीप से पुस्तक पकड़ना
  • कल्पनाशीलता का आभाव
  • ब्लैक बोर्ड से किखा हुआ कॉपी नहीं कर पाना